वैसे मै दक्ष प्रजापति को काल्पनिक ही मानता हूँ, क्योंकि तमाम पुराणों मे दक्ष प्रजापति के बारे मे कोई ठोस जानकारी नही है।
शिवपुराण, स्कन्दपुराण और लिंगपुराण के अनुसार ब्रह्मा ने दक्ष को अपने मन से पैदा किया, इसलिये दक्ष को ब्रह्मा का 'मानसपुत्र' भी कहा जाता है।
अब मन से बच्चा पैदा करना उतना ही सच हो सकता है जितना मुँह और पैर से पैदा करना।
महाभारत आदिपर्व अध्याय -19 (चित्र-1) के अनुसार ब्रह्मा ने दक्ष को अपने दाहिने अँगूठे से पैदा किया! यह भी असम्भव ही है....
दक्ष प्रजापति के जन्म को लेकर एक और कथा वायुपुराण मे मिलती है, जो और भी हास्यास्पद है।
वायुपुराण अध्याय-63 (चित्र-2-4) के अनुसार एक बार दसों प्रचेताओं ने मिलकर तप किया, और उनके तप के प्रभाव से वायु ने पृथ्वी के सारे पेड़ों को उखाड़कर सुखा दिया तथा अग्नि ने उन्हे जला दिया। अब पृथ्वी पर थोड़े-बहुत पेड़ ही बचे थे, अतः राजा सोम ने प्रचेताओं के पास जाकर कहा कि पृथ्वी पर बचे शेष पेड़ों की रक्षा के लिये आप लोग वायु और अग्नि को शान्त कर दो! बदले मे राजा सोम ने 'मारिषा' नाम की एक कन्या प्रचेताओं को सौंप दी। फिर दसों प्रचेताओं ने मिलकर मारिषा से गर्भाधान किया, जिससे राजा दक्ष प्रजापति पैदा हुये।
अब वायुपुराण के अनुसार दक्ष एक माँ और दस बाप की संतान थे।
पुराणों मे लिखी ये सारी बातें अवैज्ञानिक है, जो सम्भव ही नही, अतः कुम्हार समाज के जो लोग दक्ष प्रजापति को अपना पूर्वज मानते हैं उन्हे इस पर जरूर विचार करना चाहिये।
एक बात और सोचो, यदि हम कुम्हार राजा दक्ष के वंशज होते तो क्या हमे तुलसीदास 'रामचरित मानस' मे "वर्णाधम" कहकर गाली देते।
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